ऐतिहासिक यात्रा

पासी समाज का इतिहास

प्राचीन काल से आधुनिक युग तक — वीरता, परिश्रम और सांस्कृतिक समृद्धि की कहानी।

  1. प्राचीन काल

    पासी समाज की उत्पत्ति

    पासी समाज का उल्लेख प्राचीन भारतीय समाज-व्यवस्था में एक परिश्रमी, वीर और आत्मनिर्भर समुदाय के रूप में मिलता है। 'पाश' धारण करने वाले वीर योद्धाओं की परंपरा से समाज का नाम जुड़ा माना जाता है।

  2. 10वीं–12वीं शताब्दी

    गौरवशाली शासन काल

    अवध और आसपास के क्षेत्रों में अनेक पासी राजाओं ने किले बनवाए और न्यायप्रिय शासन किया। महाराजा बिजली पासी एवं राजा लाखन पासी इसी युग की धरोहर हैं।

  3. 1857

    स्वतंत्रता संग्राम में योगदान

    वीरांगना ऊदा देवी पासी सहित असंख्य सेनानियों ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अद्वितीय बलिदान दिया।

  4. 20वीं शताब्दी

    सामाजिक एवं किसान आंदोलन

    मदारी पासी के नेतृत्व में एका आंदोलन, शिक्षा-प्रसार और सामाजिक सुधार के प्रयास तेज़ हुए।

  5. सांस्कृतिक विरासत

    लोक परंपरा और आस्था

    लोकगीत, वीरगाथाएँ, पारंपरिक मेले, कुलदेवी पूजन और सामूहिक श्रम-संस्कृति समाज की पहचान हैं।

  6. वर्तमान

    शिक्षा और विकास का युग

    आज समाज शिक्षा, प्रशासन, व्यापार, खेल और राजनीति सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

“जिस समाज को अपना इतिहास याद रहता है, वही समाज अपना भविष्य गढ़ सकता है।”

— संस्थान का ध्येय वाक्य